बाल रंग कार्यशाला

ख्वाज़ा अहमद अब्बास की याद में इप्टा की नाचा शैली की अभिनय कार्यशाला

‘नाटक हमें अनुशासन सिखाता है। जन्म के साथ ही हम अभिनय कर रहे होते हैं और जीवन भर सीख रहे होते है – निसार अली की इस ज़रूरी सीख के साथ आज 1 जून, 2026 को भारतीय जननाट्य संघ, जमशेदपुर द्वारा आयोजित बालरंग कार्यशाला आरंभ हुई।

निसार अली और नन्हा साथी अभिषेक

सात दिवसीय कार्यशाला में 22 प्रतिभागी शामिल हुए। सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक चलने वाली इस कार्यशाला के लिए रायपुर से नाचा शैली (छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य) के सुपरिचित कलाकार और निर्देशक निसार अली आए हैं। नाचा शैली लोक संगीत, नृत्य और हास्य-व्यंग्य का एक अनूठा संगम है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में रात भर खुले मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। इस बार इप्टा जमशेदपुर की कार्यशाला में प्रतिभागी नाचा की बारीकियां सीखेंगे।

आपको बताते चलें कि इप्टा एक वॉललंटरी संगठन है जो जन सहयोग से चलती है और आज तक जन सहयोग से देश भर में चल रहा है। आज़ादी के पूर्व सन 1943 में बंगाल में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया अकाल जिसमें लाखों लोगों की अकाल मृत्यु हुई थी उस दौरान देश भर के कला जगत के और अन्य क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों , वैज्ञानिकों ने मिलकर भारतीय जननाट्य संघ की नींव रखी और उस दौरान बनें सेंट्रल सक्वाड ने देश भर में घूम-घूमकर गीतों और नाट्य प्रस्तुति के जरिए बंगाल के अकाल पीड़ितों के लिए राशि एकत्र कर सहयोग किया था। ये हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे संगठन का नमाकरण प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहनागेर भाभा ने किया था । तब से आज तक की यात्रा में जन सरोकारों से लैस इप्टा अपने पुरखे को याद करने की विरासत को सँजोती चली आ रही है। साल भर हम अपने प्रगतिशील पुरखों को अलग-अलग कार्यक्रम और गतिविधियों के जरिए याद करते हैं।

पिछले वर्ष जमशेदपुर इप्टा ने बालरंग की जानी मानी हस्ती रेखा जैन का जन्मशताब्दी इप्टा जमशेदपुर ने मनाया था और इस बार इप्टा के पुरखे साथी खवाज़ा अहमद अब्बास को ये बालरंग कार्यशाला हो रही है। आज प्रसिद्ध लेखक, फिल्मकार, पत्रकार ख्वाज़ा अहमद अब्बास का स्मृति दिवस है और 7 जून को जब हम कार्यशाला का समापन करेंगे तो उस दिन उनकी जयंती है।

कार्यशाला में स्पीच-मूवमेंट, नृत्य, अभिनय,अपने और थोड़ा आसपास की दुनिया को जानने के साथ प्रतिभागी प्रगतिशील गीत भी सीखेंगे।

आज की कार्यशाला में सुबह फिजिकल एक्सरसाइज़ और वॉइस प्रोजेक्शन कराया अभिव्यक्ति के पार्थ बनर्जी ने

फिजिकल एक्सरसाइज़ के साथ वॉइस एक्सरसाइज़ कराते पार्थ बनर्जी

हारमोनियम से अलंकार का अभ्यास कराया लिटिल इप्टा की किशोर साथी नम्रता नाग ने ।

अलंकार का अभ्यास कराती किशोर साथी नम्रता

नृत्य का अभ्यास इप्टा की श्वेता, गोमहेड़ के रामचन्द्र मार्डी और उर्मिला हाँसदा ने कराया।

रामचंद्र मार्डी
रामचंद्र मार्डी , उर्मिला हांसदा और श्वेता

शायर अहमद बद्र ने बच्चों को इप्टा के जन्म की कहानी बताई।

अहमद बद्र

इसके बाद कार्यशाला संचालक रायपुर से आए निसार अली ने बच्चों से रचनात्मक तरीके से पहचान कर नाटक में चलना,हँसना,रोना, बोलना खेल-खेल में सिखाया।

निसरा अली और प्रतिभागी

कार्यशाला स्थल में लगे पोस्टर ‘हम एक है’ किताबें करती हैं बातें’ ‘ख़ामोशी तोड़ो वक़्त आ गया है’ ‘ हम हैं एक जैसे’ ‘होंगे कामयाब एक दिन’ ‘दोस्त हैं हम’ जैसे वाक्यों के माध्यम से वॉइस पर काम किया जिसे बच्चों ने बहुत पसंद किया।

आज की कार्यशाला में इप्टा के संरक्षक कॉमरेड शशि कुमार, निर्मला, शायर संजय सोलोमन, अर्पिता उपस्थित रहे इनके अलावा कार्यशाला में आज बतौर मेहमान शिवलाल सागर, गौतम गोप, तरुण कुमार ने आकर बच्चों को शुभकामनाएं दी।सात दिवसीय कार्यशाला का समापन समारोह ट्राइबल कल्चर सेंटर में 7 जून, 2026 को होगा।     

गतिविधि करते सभी प्रतिभागी

2 thoughts on “ख्वाज़ा अहमद अब्बास की याद में इप्टा की नाचा शैली की अभिनय कार्यशाला

  • Manoj Chitade

    बहुत ही सृजनशील उपक्रम हैं । सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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    • अर्पिताPost author

      शुक्रिया मनोज जी !

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