एक शाम कैफ़ी आज़मी के नाम
‘जमशेदपुर इप्टा का तरही मुशायरा’ 10 मई का दिन होता है कैफ़ी आजमी को याद करने का। इन्क़लाब और आज़ादी
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Read Moreसाहिर की 105 वीं जयंती पर उन्हें याद करना सिर्फ एक रवायत नहीं बल्कि उनके बेहतर दुनिया देखने और जीने
Read Moreकविता में तस्वीर है जीवन कीरंग है बचपन का। बाँकपन है जवानी काएहसास है ढलती उम्र का। कविता—आगाज़ भीआवाज़ भीहुस्न
Read Moreचाचा नेहरू के जन्मदिन पर दुनिया के तमाम बच्चों को उनके बचपन के लिए ढेर सारी मुबारक़बाद। नन्हे बच्चों आप
Read Moreसाहिर हमारे साथ अपनी रचनाओं के साथ हमेशा मौजूद रहेंगे पर उनको याद करना, उनके लिखे को बार-बार पढ़ना और
Read Moreरवायत बनने के सफ़र के किस्से सुनना मज़ेदार होता है जब हम अंदाज़ लगा रहे होते हैं कि उस वक़्त
Read Moreलोकतंत्र और धर्म-निरपेक्षता के खतरे के मुहाने में खड़े देश में जन-पक्षधर समाज सिकुड़ता चला जा रहा है इन खतरों
Read More(यह पोस्ट लगता है भगत सिंह के जन्मदिन की प्रतीक्षा में मुझे रोक कर रखी थी। कई बार इसे खोला
Read Moreजब भी हम शिक्षा पर बात करते हैं तो इसमें समाहित संस्कृति पर विशेष ध्यान रखे जाने की आवश्यकता होती
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