श्रम की गरिमा -२
‘जाति व्यवस्था श्रम का बंटवारा ही नहीं है बल्कि श्रमिकों का भी बंटवारा है ‘ – भीमराव अंबेडकर इस वाक्य
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Read Moreमेहनत से ये माना चूर हैं हमआराम से कोसों दूर हैं हमपर लड़ने पर मजबूर हैं हममज़दूर हैं हम मज़दूर
Read Moreकविता के आँगन में बसर करना कविता से बात करना कविता के साथ मौन चलना कविता के साथ रोना-हँसना और
Read Moreसमय के साथ कैसे चलें, समय से आगे कैसे चलें इस सवाल से दो-चार होना आम बात है इस चिंतन
Read Moreजीवन देखना, बरतना और उससे आगे जाकर जीवन संवारने का हुनर सीखने के लिए कहानियों के लेंस का इस्तेमाल हम-आप
Read Moreआज़ाद हवा में बचपन जीने वाले बच्चों को युद्ध क्या होता है यह समझाना बहुत कठिन है। हम ऐसे मुल्क
Read Moreदेश के वैज्ञानिको से हमारा परिचय सीमित है यह महसूस हुआ जब हाल की साइकिल पत्रिका में जयंत नार्लीकर का
Read Moreदुनिया के हर कोने में कहानियों का ज़खीरा मिल जाता है उनमें से कुछ कहानियां अचंभित करती हैं तो कुछ
Read Moreबच्चों के साथ कहानी पढ़ते हुए शब्दों के अर्थ जानने-समझने का मौक़ा लगता है। जब वे शब्द के अर्थ अपनी
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